"फ़ैज़" इतने वो कब हमारे थे...  

Posted by richa in ,

तेरा जमाल निगाहों में ले के उठा हूँ
निखर गई है फ़ज़ा तेरे पैरहन* की सी
नसीम तेरे शबिस्ताँ* से होके आई है
मेरी सहर में महक है तेरे बदन की सी
-- फ़ैज़

कभी कभी होता है ना कि कुछ कहने का दिल नहीं करता... आज ऐसा ही कुछ है हमारे साथ... वैसे भी फ़ैज़ के बारे में क्या और कितना कहा जाये... आइये आज की बज़्म में सिर्फ़ उनके लिखे को महसूस करते हैं और सुनते हैं "शाम-ए-शहर-ए-याराँ" से एक ख़ूबसूरत सी ग़ज़ल आबिदा परवीन जी कि आवाज़ में...

हमने सब शेर में सँवारे थे
हमसे जितने सुख़न* तुम्हारे थे

रंग-ओ-ख़ुश्बू के, हुस्न-ओ-ख़ूबी के
तुमसे थे जितने इस्तिआरे* थे

तेरे क़ौल-ओ-क़रार से पहले
अपने कुछ और भी सहारे थे

जब वो लाल-ओ-गुहर* हिसाब किये
जो तेरे ग़म पे दिल ने वारे थे
मेरे दामन में आ गिरे सारे
जितने तश्त-ए-फ़लक* में तारे थे

"फ़ैज़" इतने वो कब हमारे थे

१९७२



This entry was posted on September 23, 2011 at Friday, September 23, 2011 and is filed under , . You can follow any responses to this entry through the comments feed .

4 comments

सुबह-सुबह फैज़ को सुनना-याद करना अनिर्वचनीय अनुभव है. शुक्रिया.

September 24, 2011 at 8:47 AM

शुक्रिया..बेहतरीन ग़ज़ल.. :)

September 27, 2011 at 8:08 AM

tere kaul-o-karar se pahale
apne kuchh aur bhi the sahare
Apne na sahi aur ke sahi ,aapne auro ke waste kuchh kiya to sahi

November 22, 2011 at 9:15 PM

उम्र-ए-जावेद की दुआ करते
"फ़ैज़" इतने वो कब हमारे थे
The second line is delightful, almost amusing. It expresses so much.

The idea of contrasting the finiteness of life with limitless emotions is very beautiful and often reminds of various poets:

Jaur us sang dil ke sab na khinche
Umr ne sakht bewafaai ki

--Meer

Umr-e-daraaz maang ke laaye the chaar din,
Do aarzoo mein kat gaye do intezaar mein

-- Daagh

And of course, the melancholic realization of reality expressed in the couplet reminds us of these classics by Ghalib:

Tere waade pe jiye hum, to ye jaan jhooth jaana
Ke khushi se mar na jaate agar aitbaar hota

or,

Humaari saadgi thi iltifaat-e-naaz par marna
Tera aana na tha zaalim magar tamheed jaane ki

July 20, 2014 at 2:35 PM

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